Friday, 1 February 2013

Anjaane Raaste

रस्ते तेरे कूचे के बड़ी बेचेनी से देखते है मुझको 
वो रस्ते जो मैं बरसो पहले तेरे साथ छोड़ आया था 

ना चाहते हुए आज गुज़रा तेरा रंग उनपे दिखा 

सब बदल गए नुक्कड़ पे एक दरख़्त भी अब नहीं रहा 

हवाए ज़रूर तेरी खुशबू के राग आज भी गा रही थी 

लेकिन सन्नाटो ने कहा अकेली तू आज भी बहुत है 

तेरी याद न आये इसलिए जाम से दोस्ती करली है 

और ऐसा भी नहीं है "जलाल" तझे भूलने की कसम खाली हमने |

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